सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा धर्म?
कभी तेल पर निर्भर रहने वाले सऊदी अरब अब टूरिज्म, आर्ट, एंटरटेनमेंट और अन्य कई सेक्टर से भी मोटी कमाई कर रहा है।
सऊदी अरब सरकार की एक रिपोर्ट की माने तो साल 2023 में देश की जीडीपी में भी नॉन-आइल एक्टिविटी ने 50 फीसदी का योगदान दिया है।
सऊदी अरब का मुख्य धर्म इस्लाम है। वर्ल्ड डेटा की माने तो इस देश में मुसलमानों की संख्या 31.5 मिलियन है।
सऊदी अरब में शिया मुस्लिम मुख्य अल्पसंख्यक समुदाय है। वहीं, सुन्नी मुसलमानों की संख्या कुल आबादी की 85 प्रतिशत है।
इस डेटा का मानें तो इस इस्लामिक देश की एक तिहाई जनसंख्या दूसरे देशों से आए कामगारों की है।
सऊदी अरब में मुसलमानों के बाद ईसाई धर्म के लोग सबसे ज्यादा रहते हैं। यहां करीब 21 लाख ईसाई धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं।
सऊदी अरब में हर साल काफी संख्या में भारतीय भी काम करने जाते हैं। यहां करीब 15 लाख भारतीय रहते हैं।
वहीं, हिंदुओं की बात करें तो इस्लामिक देश सऊदी अरब में करीब 7 लाख आठ हजार हिंदू रहते हैं।
में भारतीय भी काम करने जाते हैं। यहां करीब 15 लाख भारतीय रहते हैं।