डायबिटीज में कब करें पपीता का सेवन, इस समय भूलकर भी न खाएं

डायबिटीज मरीजों को अपने खानपान का खास ख्याल रखना होता है। इसे सही लाइफस्टाइल और खानपान के जरिए की कंट्रोल किया जा सकता है। वहीं, डायबिटीज में पपीता भी लोग खूब खाते हैं।

पपीता में विटामिन बी, विटामिन ई, विटामिन सी, विटामिन के, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट के अलावा कई और पोषक तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं डायबिटीज मरीजों को पपीता कब और कितना खाना चाहिए।

पपीता में फ्लेवोनॉयड्स पाया जाता है जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है।

100 ग्राम पपीते में 32 ग्राम कैलोरी, 0.6 ग्राम प्रोटीन, 0.1 ग्राम वसा, 7.2 ग्राम कार्ब्स और 2.6 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। साथ ही फाइबर ज्यादा और चीनी की मात्रा कम होती है।

खाने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ही ये बताता है खून में ग्लूकोज की मात्रा कितना और कितने समय के अंतराल बढ़ाएगा। लो GI वाले खाद्य पदार्थ 20-49 के बीच, मध्यम 50-69 और हाई GI वाले खाद्य पदार्थ 70 से 100 के बीच होते हैं।

पपीता मीडियम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला फल है जिसकी GI 60 होती है। ऐसे में डायबिटीज मरीज पपीता नियमित खा सकते हैं। हालांकि, ये पूरी तरह से लो शुगर वाला फल नहीं है इसलिए सिमित मात्रा में सेवन करना चाहिए।

डायबिटीज मरीजों को नियमित एक कप के ज्यादा पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही समय का भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

पपीता सुबह के नाश्ते में खाना ज्यादा फायदेमंद बताया गया है। साथ ही दिन के खाने के कुछ समय बाद भी इसे खा सकते हैं।

वहीं, डायबिटीज मरीजों को रात में पपीता का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इस समय इससे मिलने वाले ग्लूकोज और शुगर का उपयोग शरीर में नहीं हो पाता है जो शुगर लेवल को बढ़ा सकता है।