ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब किसी कुंडली में अगर छठे, दसवें भाव प्रबल होते हैं यानी इस दोनों भाव में सूर्य और गुरु बृहस्पति स्थित हो, तो अवश्य शुभ फल मिलता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब किसी कुंडली में अगर छठे, दसवें भाव प्रबल होते हैं यानी इस दोनों भाव में सूर्य और गुरु बृहस्पति स्थित हो, तो अवश्य शुभ फल मिलता है।