मुस्लिम होकर भी पढ़ी इस डायरेक्टर ने भगवत गीता, खुद को बताया लकी

इम्तियाज अली इन दिनों फिल्म 'अमर सिंह चमकीला' की सफलता को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में इस फिल्म की सफलता के बारे में बात करते हुए इम्तियाज ने भागवत गीता का जिक्र किया है।

डायरेक्टर ने बताया कि भगवत गीता ने उनकी जिंदगी बदल डाली है और इसका उनकी जिंदगी में बहुत महत्व है। उन्होंने बताया कि कैसे बचपन में उन्होंने गीता पढ़ी और इसके बाद उनकी थॉट प्रोसेस में क्या बदलाव आए।

इम्तियाज ने कहा, "मैंने बहुत छोटे में ही हिंदू मैथोलॉजिकल किताबें पढ़ ली थीं और इसका मेरे जीवन में काफी असर भी पड़ा। मैं इसे बिना पढ़े नहीं रह पाया। मुझे इसके मायने समझ में आने लगे। भगवत गीता मेरे जीवन में भी एक महत्वपूर्ण किताब है।"

उन्होंने आगे कहा,  "ये वो किताब है जिसे आज भी आप मेरी टेबल पर पाएंगे। एक टाइम था जब जब मेरे पिता ने सोचा कि मुझे ट्रेन से अकेले यात्रा करनी चाहिए। उस समय मैं शायद छठी कक्षा में रहा होऊंगा। तब हमारे पास ज्यादा पैसे नहीं हुआ करते थे।"

इम्तियाज ने अपने बचपन के दिन को याद करते हुए कहा, "एक बार जब मैं ट्रेन में बैठा था तो मैंने सोचा कि मुझे एक किताब खरीदनी चाहिए।

मैं रेलवे स्टेशन के किताब वाले स्टॉल पर गया, लेकिन मेरे पास पैसे कम थे। ऐसे में कम पैसों में उस वक्त जो मुझे किताब मिली मैंने खरीद ली।"

डायरेक्टर ने आगे कहा, "ये कितनी विडंबना की बात है कि वो किताब भगवत गीता थी। फिर मैंने उसको पढ़ना शुरू किया।

उस समय मुझे ऐसा भी लगा कि मेरे आस-पास जो लोग हैं उन्हें सोचकर अजीब लग रहा होगा कि मैं गीता क्यों पढ़ रहा हूं।"

इम्तियाज अली ने बताया कि इस किताब में कुछ ऐसी चीजें थीं जिन्हें समझने के लिए उन्हें 5-5, 6-6 बार पढ़ना पड़ा।