कौन हैं जस्टिस बी. वी. नागरत्ना?  SC की नौ जजों की बेंच ने कहा कि राज्य सरकारों को अपने यहां से निकलने वाले खनिज के लिए सेस वसूलने का अधिकार है।

SC कोर्ट ने कहा कि माइनिंग के लिए केंद्र को मिलने वाली रॉयल्टी टैक्स नहीं है और राज्यों को टैक्स वसूलने का अधिकार है।

माइनिंग हालांकि, बेंच की इकलौती महिला जज की इस पर सहमति नहीं थी।इस फैसले के बाद वह काफी चर्चा में हैं

चर्चा में  जस्टिस बी वी नागरत्ना साल 2021 से सुप्रीम कोर्ट की जज हैं।

बी वी नागरत्ना  उन्होंने साल 1987 में केईएसवीवाई एंड को के साथ वकालत शुरू की और 1994 में उन्होंने इंडीपेंडेंट एडवोकेट के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की।

वकालत से शुरू किया करियर  इसके बाद साल 2008 में वह कर्नाटक हाईकोर्ट की जज के तौर पर नियुक्त की गईं।

कर्नाटक हाईकोर्ट  18 फरवरी, 2008 को उन्हें एडिशनल जज बनाया गया और 17 फरवरी, 2010 को कर्नाटक हाईकोर्ट का परमानेंट जज नियुक्त किया गया।

एडिशनल जज  यहां जज रहते हुए जस्टिस नागरत्ना को कर्नाटक ज्यूडिशियल एकेडमी और बैंगलोर मेडिटेशन सेंटर का प्रमुख भी बनाया गया।

ज्यूडिशियल एकेडमी   इसके बाद 31 अगस्त, 2021 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्त किया गया

और 29 अक्टूबर, 2027 को उनका रिटायरमेंट है। SC में जज  मॉरीशस जाने का है प्लान? जान लें ये बातें