आखिर सावन में मछली क्यों नहीं खाना चाहिए? हिंदू धर्म में सावन के महीने को काफी पवित्र माना जाता है।

भगवान शिव को समर्पित इस पावन माह में लोग सोमवार का व्रत भी करते हैं।

हिंदू धर्म हिंदू धर्म में सावन शुरू होने के साथ ही बहुत लोग धार्मिक कारणों से खानपान से जुड़े कई नियमों का पालन करना शुरू कर देते हैं।

ऐसे में लोग मछली या कोई अन्य नॉन वेज फूड्स भी नहीं खाते हैं। सावन सावन के महीने में नॉन वेज फूड्स खाने से बचने के लिए केवल धार्मिक कारण ही नहीं

बल्कि वैज्ञानिक कारण भी है। सावन में नॉन वेज बता दें कि हेल्थ एक्सपर्ट भी बारिश के दौरान नॉनवेज नहीं खाने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह।

नॉन वेज नहीं खाने की वैज्ञानिक वजह सावन के महीने में मॉनसून अपने पीक पर होता है और खूब बारिश होती है।

बारिश के कारण हवा में नमी बढ़ जाती है, जिसके बाद फफूंदी और फंगस का खतरा बढ़ने लगता है। बारिश का मौसम बारिश के मौसम में नमी वाले वातावरण से डाइजेशन कमजोर होने लगता है,

जिससे भोजन आसानी से पचता नहीं है। मछली और अन्य नॉन वेज फूड्स हैवी होते हैं और इन्हें पचने में ज्यादा समय लगता है।

कमजोर पाचन बारिश के मौसम में कमजोर पाचन के कारण नॉन वेज फूड्स अच्छे से डाइजेस्ट नहीं हो पाते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी सावन में नॉन वेज खाने से परहेज करने की सलाह देते हैं।

डाइजेस्ट होने में परेशानी बता दें कि बारिश का समय मछलियां और जलीय जीवों के लिए प्रजनन का होता है। गर्भधारण किए हुए जलीय जीवों का हार्मोन्स असंतुलित हो जाता है