देखें टैक्स स्लैब में कितना बदलाव वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर स्लैब में बड़े बदलावों की घोषणा की है।

अरविंद केजरीवाल  अब स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार कर दिया गया है।

इस व्यवस्था में तीन लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

ED सरकार द्वारा किए गए बदलावों के मुताबिक, 3 से 7 लाख तक की कमाई पर 5 प्रतिशत इनकम टैक्स देना होगा।

AAP का आरोप  7 से 10 लाख की आय होने पर 10 फीसदी की दर से आय कर लगेगा। 10 से 12 लाख के टैक्सेबल इनकल पर 15 फीसदी की दर से आयकर लगेगा।

हाइपोग्लाइसीमिया 12 से 15 लाख के टैक्सेबल इनकम पर 20 फीसदी आयकर लगेगा। 15 लाख से ज्यादा के टैक्सेबल आय पर 30 फीसदी की दर से आयकर लगेगा।

इंसुलिन इंजेक्शन  12 से 15 लाख के टैक्सेबल इनकम पर 20 फीसदी आयकर लगेगा।

15 लाख से ज्यादा के टैक्सेबल आय पर 30 फीसदी की दर से आयकर लगेगा।

ब्लड शुगर  इसके बाद, 2019 के अंतरिम बजट में मानक कटौती की सीमा बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति वर्ष कर दी गई थी।

बीमारी का असर  तबसे स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन में कोई बदलाव नहीं हुआ था।