ये आदतें बढ़ा रहीं महिलाओं में इस कैंसर का खतरा

महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर एक आम और जानलेवा बीमारी है। यह गर्भाशय ग्रीवा में कैंसर सेल के विकास से होता है।

सर्वाइकल कैंसर के कारण यह कैंसर मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के इंफेक्शन से होता है।

इन महिलाओं को है अधिक खतरा कम उम्र में यौन संबंध बनाने या कई यौन साथी रखने से सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

कमजोर इम्यूनिटी कमजोर इम्यूनिटी वाली महिलाएं भी सर्वाइकल कैंसर के जोखिम में होती है।

धूम्रपान धूम्रपान सेहत के लिए बेहद ही खतरनाक होता है। यह महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को भी बढ़ा देता है।

गर्भनिरोधक गोलियां गर्भनिरोधक गोलियां लंबे समय तक लेने वाली महिलाओं में भी सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

अधिक बच्चे तीन या तीन से अधिक बच्चों को जन्म देने वाली महिलाओं को भी सर्वाइकल कैंसर का खतरा हो सकता है।

सर्वाइकल कैंसर की जांच सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए Pap smear और HPV टेस्ट सबसे आम जांच हैं।

टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर का टीकाकरण सबसे प्रभावी रोकथाम विधि है। यह टीका 9 से 26 वर्ष की आयु की लड़कियों और महिलाओं को दिया जा सकता है।