फारसी में शरबत तो हिंदी में क्या कहते हैं?

गर्मी के मौसम में शरबत का सेवन खूब किया जाता है।

गर्मियों में डिहाइड्रेशन से राहत पाने के लिए लोग इस ड्रिंक का सहारा लेते हैं।

शरबत फारसी भाषा का शब्द है जो तुर्की के शेर्बत से आया है और इसका मतलब होता है पीने लायक कोई चीज।

मुगल काल में भी सम्राटों के लिए खुशबूदार शरबत तैयार किया जाता है। कहा जाता है कि, जिस गुलाबी शरबत को आज लोग पीते हैं उसकी शुरुआत जहांगीर की महारानी नूरजहां ने की थी।

वहीं, प्रचनी भारत में शरबत को 'पनाका' कहा जाता था। इसका जिक्र पुराणों, शास्त्रों और अन्य कई ग्रंथों में भी किया गया है।

लेकिन क्या आपको पता है कि इस फारसी शब्द शरबत को हिंदी में क्या कहते हैं।

दरअसल, हिंदी में शरबत को 'मधुपराका' कहते हैं। कहा जाता है कि पहले गर्मी में घर आए मेहमानों का स्वागत अक्सर 'मधुपराका' से किया जाता था।

उस दौरान शहद, दही और घी को मिलाकर इसे तैयार किया जाता था। वहीं, ये भी बताया जाता है कि पुराने समय में शादी के बाद जब दूल्हा या दुल्हन अपने ससुराल जाते थे तब उन्हें 'मधुपराका' पीने के लिए दिया जाता था।

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