कृष्ण से पहले राधा का नाम लगाने की क्या है वजह?

भगवान कृष्ण और राधा को एक ही माना जाता है. कृष्ण के बिना राधा अधूरी हैं और राधा के बिना कृष्ण. कृष्ण और राधा के प्रेम को दुनियाभर में सबसे पवित्र माना जाता है.  एक हैं कृष्ण-राधा

क्या आपने कभी गौर किया है कि जब भी कृष्ण का नाम लेते हैं उससे पहले राधा का नाम लिया जाता है. हमेशा राधा कृष्ण कहकर बुलाया जाता है. पहले राधा का नाम

लेकिन इसके पीछे की भी एक कहानी है. श्रीमद् भागवत में कहा गया है कि अगर कृष्ण को बुलाना है तो पहले राधा रानी का नाम लेना पड़ेगा. तभी कृष्ण की पुकार सफल होगी. ये है वजह

ऐसा माना जाता है कि जहां पर राधा होंगी वहां कृष्ण खुद ही चले आएंगे. ऐसे में कृष्ण की आराधना में राधा का अधिक महत्व है और उन्हें ही प्राथमिकता दी गई है. खुद चले आते हैं कृष्ण

भगवान कृष्ण के अनुसार राधा उनकी आत्मा हैं. दोनों एक-दूसरे में बसते हैं. ऐसे में कृष्ण को खुश करने के लिए राधा का नाम जरूर लेना चाहिए. खुद कृष्ण भी ऐसा चाहते हैं कि राधा का जाप किया जाए. यही सही माध्यम माना गया है. दोनों एक ही आत्मा

भगवान कृष्ण के अनुसार राधा उनकी आत्मा हैं. दोनों एक-दूसरे में बसते हैं. ऐसे में कृष्ण को खुश करने के लिए राधा का नाम जरूर लेना चाहिए. खुद कृष्ण भी ऐसा चाहते हैं कि राधा का जाप किया जाए. यही सही माध्यम माना गया है. दोनों एक ही आत्मा

2024 में सोमवार के दिन कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार पड़ रहा है. ये त्योहार लोग धूम-धाम से मनाते हैं और इस दिन लड्डू गोपाल की पूजा करते हैं. लड्डू गोपाल की पूजा

वहीं 27 अगस्त को दही हांडी का कार्यक्रम रखा जाएगा. कृष्ण जन्माष्टमी को दही-हांडी के कार्यक्रम के बिना अधूरा माना जाता है. इसमें लोगों का अलग ही उत्साह देखने को मिलता है. दही हांडी का कार्यक्रम

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