माना जाता है कि किन्नरों को मौत का आभास हो जाता है.
तब वो कहीं आना-जाना और खाना बंद कर देते हैं. केवल पानी पीते हैं.
किन्नरों में शव को खड़ा करके अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाता है.
मान्यता है कि आम लोग अगर मृत किन्नर का शरीर देख भी लें तो मृतक को दोबारा किन्नर का ही जन्म मिलता है.
शव यात्रा से पहले मृतक को जूते-चप्पलों से पीटा और गालियां दी जाती हैं.