इस्लाम के पांच फर्ज कामों में एक हज होता है। बाकी के चार फर्ज हैं- कलमा, रोजा, नमाज और जकात। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम हर मुस्लिमों के लिए जीवन में एक बार हज करना जरूरी माना जाता है।
इस्लाम के पांच फर्ज कामों में एक हज होता है। बाकी के चार फर्ज हैं- कलमा, रोजा, नमाज और जकात। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम हर मुस्लिमों के लिए जीवन में एक बार हज करना जरूरी माना जाता है।